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आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबुती देने की ओर इंगित करते 6 संकेत

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ऐसे कुछ शारीरिक संकेत होते हैं जिन्हें आप चेतावनी के रूप में इस्तेमाल करके अपने प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को संबोधित करते हुए जरूरी कदम उठा सकते हैं।


यदि आप नीचे बताए किसी भी संकेत को पाते हैं तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो सकती है:

‌‌‌‌1. आपको बार-बार संक्रमण होता है

हालाँकि सर्दी के दिनों में एकाध बार सर्दी-जुकाम होना आम बात है, लेकिन अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम होने लगा है–या आस-पास के लोगों की तुलना में आपके लक्षण ज्यादा देर तक बने रहते हैं–तो हो सकता है कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मदद की जरूरत है।

मुखव्रण (thrush), मुंह के छाले, मूत्राशय के संक्रमण, या त्वचा में कवक संक्रमण रहना या बार-बार होना भी संभावित संकेत हैं।

अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी, अस्थमा, एंड इम्यूनोलॉजी ने भी प्रतिरक्षा विकार को लेकर सतर्क करने वाले कुछ संकेतों का वर्णन किया है:

  • 4 वर्ष की उम्र के बाद एक वर्ष के भीतर कान में चार से ज़्यादा नए संक्रमण
  • बारम्बार होनेवाला निमोनिया
  • असाध्य साइनसाइटिस का होना या एक वर्ष में बैक्टीरियल साइनसाइटिस के तीन से अधिक प्रकरण का होना
  • संक्रमणों की संख्या कम करने के लिए निवारक एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ती है
  • साधारण बैक्टीरियल संक्रमण अक्सर असामान्य रूप से गंभीर संक्रमणों में विकसित हो जाते हैं
  • कोई वयस्क जिसे प्रति वर्ष एंटीबायोटिक के दो से ज़्यादा कोर्स लेने पड़ते हैं

‌‌‌‌2. आपको एलर्जी की समस्या है

यह निश्चित रूपसे मुमकिन है कि आप मौसमी जुकाम या पालतू जानवर की रूसी से होने वाली एलर्जी जैसी चिरकालिक समस्या से पीड़ित हो सकते हैं । लेकिन यदि आपकी आँखों में बार-बार पानी आने लगा है, जोड़ों में दर्द है, त्वचा पर चकत्ते हैं, या भोजन को लेकर विशेष अरुचि है, तो शायद आपको अपने प्रतिरक्षा प्रणाली पर ध्यान देने की ज़रूरत है।

‌‌‌‌3. आपको पेट से जुड़ी समस्या है

यदि आपको बार-बार दस्त, पेट फूलने या कब्ज़ की शिकायत रहती है तो शायद आपके पाचन तंत्र से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। हमारी आंतों में असंख्य प्रतिरक्षी कोशिकाएँ होती हैं। ये कोशिकाएँ आपके आंत से जुड़े लिम्फोइड ऊतक या GALT का निर्माण करती हैं, और आपके प्रतिरक्षा प्रणाली के लगभग 70% का प्रतिनिधित्व करती हैं। इसलिए पाचन संबंधी लक्षणों का लगातार बने रहना प्रतिरक्षा प्रणाली में किसी समस्या का संकेत हो सकता है।

‌‌‌‌4. आपके घाव जल्दी से ठीक नहीं होते हैं

यदि आपकी त्वचा के घावों को ठीक होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है, तो हो सकता है कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली ठीक से काम नहीं कर रही है। घाव के ठीक होने के लिए आपकी त्वचा की स्वस्थ प्रतिरक्षा कोशिकाओं के फिर से उत्पन्न होने की आवश्यकता होती है।

‌‌‌‌5. आपको हमेशा थकान बनी रहती है

आपकी थकान के कई कारण हो सकते हैं। हो सकता है कि आप अधिक तनाव में हैं, अधिक काम कर रहे हैं, या पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं। इसका कोई चिकित्सीय कारण जैसे रक्ताल्पता (एनीमिया) या हाइपोथायरायडिज्म (थॉयरायड हारमोन की कमी) भी हो सकता है। लेकिन यदि आपने अधिक नींद लेने की कोशिश की है और फिर भी थके-माँदे महसूस कर रहे हैं, तो हो सकता है कि आपका शरीर कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली को संभालने के लिए ऊर्जा बचाने की कोशिश कर रहा है।

‌‌‌‌6. आप धूप में अधिक समय नहीं बिता रहे हैं

देखा जाए तो यह वास्तव में कोई संकेत नहीं—बल्कि एक कारण है। लेकिन फिर भी ऐसी परिस्थिति में होने पर आपको अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य से अधिक कमज़ोर होने की सम्भावना के प्रति सतर्क हो जाना चाहिए। आपकी त्वचा विटामिन डीबनाने के लिए धूप से निकलने वाली यूवी लाइट का उपयोग करती है, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण नियामक है। इसके अलावा, अनुसंधान ने दर्शाया है कि सूरज की किरणों में पाया जाने वाला नीला प्रकाश प्रमुख प्रतिरक्षा कोशिकाओं को अधिक तेजी से आगे बढ़ने के लिए सीधे सक्रिय करता है।

‌‌‌‌कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली को कैसे मजबूत बनाएँ

यदि आपको आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली के कमज़ोर होने के संकेत वास्तव में दिखते हैं, तो आपको अपने प्रतिरक्षा स्वास्थ्य को सामान्य स्थिति में लाने के लिए उपयुक्त कदम उठाने चाहिए। 

यदि आपकी प्रतिरक्षा समस्या से जुड़ा कोई अंतर्निहित कारण है, तो यह निर्धारित करने में मदद करने के लिए अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श लें। अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को बेहतर बनाने के लिए आप कई रणनीतियाँ अपना सकते हैं।

स्वस्थ आहार खाएँ

आपका पूरा शरीर अच्छे पोषण पर निर्भर करता है और इसमें आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली भी शामिल है। संसाधित और तले हुए खाद्य पदार्थों से बचें क्योंकि वे अधिक सूजन-संबंधी समस्याएँ पैदा करते हैं। अतिरिक्त शर्कराओं के सेवन को सीमित करें। शर्करा आपके शरीर में न केवल प्रदाह की श्रंखला को आरंभ करती है, वह कुछ प्रकार की प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को दबा भी सकती है। अध्ययनों ने दर्शाया है कि शर्करा का सेवन श्वेत रक्त कोशिकाओं की बैक्टीरिया को निगलने की क्षमता को धीमा कर देता है और यह प्रभाव कुछ घंटों तक बना रह सकता है।

संपूर्ण आहार युक्त खाद्य पदार्थों पर ध्यान दें। खूब सारे फल और सब्जियां खाएं क्योंकि उनकी पॉलीफेनोल सामग्री सूजन को कम करने और आपकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकती है। polyphenolsके बारे में और जानें। 

पर्याप्त व्यायाम करें

इस बात के पर्याप्त प्रमाण हैं कि नियमित शारीरिक गतिविधि से प्रतिरक्षा प्रणाली को लाभ मिलता है। व्यायाम मैक्रोफेज के उत्पादन को बढ़ाता है, ऐसी प्रतिरक्षा कोशिकाएँ जो वायरस और बैक्टीरिया जैसे हानिकारक जीवों को लक्षित और नष्ट करती हैं। यह आपके रक्तसंचार को बढ़ाने में मदद करता है, और लसीका द्रव के प्रवाह में सुधार करता है। यह द्रव आपके ऊतकों में प्रवाहित होते हुए विषाक्त पदार्थों, बैक्टीरिया और अपशिष्ट उत्पादों जैसे अवाँछित पदार्थों को हटाता है। इसके अलावा, व्यायाम तनाव को दूर करने में मदद करने के लिए आपके शरीर में एंडोर्फिन के स्राव को जारी करता है।

इस बात पर ध्यान देना जरूरी है कि जरूरत से ज्यादा व्यायाम न करें, क्योंकि इससे प्रतिरक्षा शक्ति का दमन हो सकता है। यदि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली पहले से ही कमज़ोर हैं, तो आपको बार-बार या अधिक गहन व्यायाम करने से बचने के लिए ज़्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। कसरतों के बीच सामान्य स्थिति में लौटने के लिए पर्याप्त समय देना भी याद रखें। यदि आपको हर समय बहुत प्यास लगती है, सामान्य से अधिक थकान हो रही है, या माँसपेशी में ऐसे दर्द होते हैं जो कसरत के बाद पेशियों में सामान्य तौर पर 1-2 दिनों तक होने वाले सामान्य दर्द से ज्यादा समय तक रहते हैं, तो आप चाहें तो एक दिन विश्राम कर सकते हैं या अपने व्यायाम की तीव्रता को कम कर सकते हैं।

गहरी, स्फूर्तिदायक नींद लें

सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, वयस्कों को हर रात कम से कम सात घंटे की नींद लेनी चाहिए। अपर्याप्त नींद प्रदाह की समस्या को बढ़ाती है और आपके शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को कम करती है।

डॉ. एन केनार्ड, जो बोर्ड द्वारा प्रमाणित महिला रोग विशेषज्ञ हैं और इंटीग्रेटिव मेडिसिन में प्रशिक्षित हैं, का मानना है कि कुछ आदतें गहरी, स्फूर्तिदायक नींद पाने में मदद कर सकती हैं। उनके सुझाव? “सोने से कई घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक्स बंद करना; [इलेक्ट्रॉनिक्स] को बेडरूम से बाहर रखना; कमरे को अंधेरा और ठंडा रखना; लगभग हर दिन एक ही समय पर जागना और सोना; सुबह के कुछ घंटों में बाहर निकलना, ताकि प्राकृतिक मेलाटोनिन उत्पादन को एक उपयुक्त सर्कैडियन रिदम बनाया जा सके.” डॉ. केनार्ड समझाती हैं कि ये आदतें अच्छी नींद को बढ़ावा देती हैं।

तनाव से राहत पाएँ

असाध्य तनाव शरीर में प्रदाह की समस्या को बढ़ा देता है। यह उन प्रतिरक्षा कोशिकाओं की आपूर्ति को भी कम कर सकता है जो संक्रमण से लड़ने में हमारे शरीर की मदद करती हैं। अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि जो लोग तनावग्रस्त होते हैं उन्हें जुकाम होने की अधिक संभावना होती है।

तनाव से राहत दिलाने वाली ऐसी कई तकनीकें उपलब्ध हैं जिन्हें आप आज़मा सकते हैं:

  • योग
  • ध्यान लगाना
  • गहरी सांस लेने के व्यायाम
  • एक आभार पत्रिका या जर्नल रखना जिसमें आप हर रोज उन के चीज़ों के बारे में लिख सकें जो आपको कृतज्ञ होने का अहसास कराती हैं जो आ
  • किसी मददगार मित्र या परिवार के सदस्य के साथ बात करना

थोड़ी देर के लिए धूप सेंकना

यदि घर के अंदर बहुत ज़्यादा समय बिताना उन संकेतों में से एक था जिन्होंने आपको सतर्क किया था कि शायद आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर है, तो संभव है कि आप घर से बाहर अधिक बार जाने की ज़रूरत को समझ चुके हैं। जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है, सूरज की रोशनी विटामिन डीके उत्पादन को उत्तेजित करती है, जो प्रतिरक्षा स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण विटामिन है, और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया में शामिल कोशिकाओं को सक्रिय करती है।

बेशक, हमेशा सावधानी बरतें और अधिक देर तक धूप के संपर्क में रहने से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों से बचें। हर दिन 15-20 मिनट धूप में रहने का लक्ष्य रखें और सनस्क्रीनपहनें। 

अपने विटामिन डी के स्तर की जाँच करें और उसे सही स्तर पर बनाए रखें

विटामिन डी सबसे महत्वपूर्ण विटामिनों में से एक है जो आपके प्रतिरक्षा स्वास्थ्य में योगदान देता है।

विटामिन डी के लिए जाँच में मापे जाने वाले प्रकार को 25-हाइड्रॉक्सीकोलीकैल्सिफेरॉल (या 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन डी) कहते हैं। वेरोनिका एंडरसन, एमडी, जो फंक्शनल मेडिसिन में प्रमाणित एक इंटिग्रेटिव चिकित्सक हैं, कहती हैं कि अधिकांश प्रयोगशालाओं के लिए, सामान्य की निम्न सीमा 30 ng/mL है। लेकिन वे समझाती हैं, “उच्चतम [स्तर] 60-100 [नैनोग्राम/मिली] की रेंज में होता है।”

पर्याप्त विटामिन सी लें

बढ़े हुए शारीरिक तनाव वाले लोगों के लिए, विटामिन सी में सामान्य सर्दी के विकास के जोखिम को 50% तक कम दिखाया गया है। हालाँकि जोखिम में यह कमी औसत आबादी में नहीं देखी गई है, अध्ययनों से पता चला है कि कम से कम 200 mg विटामिन सी को नियमित रूप से लेने से जुकाम की अवधि या लक्षणों की तीव्रता को कम करने में मदद मिल सकती है।

‌‌‌‌हर्बल खाद्य पदार्थों और पूरकों पर विचार करें

हालाँकि इस उद्देश्य में मदद करने के लिए कुछ "प्रतिरक्षा प्रणाली बूस्टर" की खोज करना लुभावना लग सकता है, ऐसा प्रोत्साहन हमेशा ही कार्रवाई का सर्वोत्तम तरीका नहीं होता है। कभी-कभी आपकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित करना पड़ता है और कभी-कभी ऐसे समय भी आते हैं जब उसे नियंत्रण में रखने की जरूरत पड़ती है। तथापि, ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ और पूरक उपलब्ध हैं, जो आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को उस स्तर पर ले जाने में मदद कर सकते हैं जहाँ वह यथासंभव प्रभावशाली ढंग से काम कर सकती है।

अडैप्टोजेन  

एडाप्टोजेन्स वे पौधे हैं जिनका उपयोग सदियों से चीनी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। एक एडाप्टोजेन माने जाने के लिए, एक पौधे को गैर-विषाक्त होना चाहिए। उसे ऐसी गैर-विशिष्ट क्रिया से युक्त होना चाहिए कि वह, तनावकारक के कारण उत्पन्न प्रतिमान से परिवर्तन की दिशा चाहे जो भी हो, शरीर के प्रकार्यों को "सामान्य" करता हो। इसलिए उसे न तो उत्तेजक और न ही शामक होना चाहिए। उसे, तनावकारकों के प्रति संवेदनशीलता को कम करते हुए, शरीर के सामान्य प्रतिरोध को बढ़ाने में भी सक्षम होना चाहिए।

डॉ. वेरोनिका समझाती हैं, “अडाप्टोजेन तनाव के स्तरों को एक भावनात्मक दृष्टिकोण से कम करने तथा आपके शरीर को [शारीरिक] दृष्टिकोण से सामना करने, और इसके साथ ही, आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को व्यवस्थित करने में वाकई मदद करते हैं।” प्रतिरक्षा स्वास्थ्य के लिए उनके द्वारा सुझाए गए एडाप्टोजेन्स में रोडियोलाअश्वगंधाअमेरिकन जिनसेंग, और साइबेरियन जिनसेंगशामिल हैं।

मेलाटोनिन 

मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिसे आपका शरीर अंधेरा होने पर उत्पन्न करता है, और शरीर को नींद के लिए तैयार होने का संकेत देता है। “मेलाटोनिन न केवल एक एंटीऑक्सीडैंट है और प्रदाह को रोकता है,” डॉ. केनार्ड कहती हैं, “बल्कि इसे श्वसन संबंधी रोग के परिवेश में फेफड़े में आक्सीकरण से उत्पन्न चोट और प्रदाह को भी कम करते दर्शाया गया है।” उन सभी कारणों से डॉ. केनार्ड का मानना है कि मेलाटोनिन सप्लीमेंटपर विचार करना समझदारी होगी।

हल्दी 

हल्दी में करक्यूमिनहोता है, जो शरीर में सूजन को कम करने के लिए दिखाया गया है। डॉ. केनार्ड को लगता है कि सर्दी-जुकाम और फ्लू के मौसम में इसका उपयोग विशेष रूप से उपयुक्त है। “इससे वायरल संलग्नता, प्रतिकृति, और सक्रियण में कमी होती है,” वे कहती हैं, “और यह प्रमुख साइटोकाइन का भी दमन करता है।” साइटोकाइन शरीर द्वारा निर्गमित प्रोटीन होते हैं जो संक्रमण के प्रति प्रतिरक्षा अनुक्रिया को समन्वयित करते हैं। जब प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बहुत बढ़ जाती है तो साइटोकाइन वृद्धि एक जटिल समस्या हो जाती है। 

इससे पहले कि आप अपने आहार या शारीरिक गतिविधि में कोई भी परिवर्तन करें, अपने चिकित्सक से परामर्श करना हमेशा समझदारी का काम होगा। इष्टतम प्रतिरक्षा स्वास्थ्य के लिए आपके मार्ग का मार्गदर्शन करने के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों और उत्पाद आपूर्तिकर्ताओं की सही टीम का होना महत्वपूर्ण है।

अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।