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चमकती त्वचा, स्वस्थ बालों, और मज़बूत नाखूनों के लिए बेहतरीन सप्लीमेंट्स

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आप वही बनते हैं जो आप खाते हैं, और आप जो कुछ खाते हैं उसका प्रभाव आपकी त्वचा, बालों, और नाखूनों पर अक्सर दिखाई पड़ सकता है। यदि आप ढेर सारे प्रोसेस्ड, अधिक शक्कर वाले खाद्य पदार्थ खाते हैं, तो इसके परिणामस्वरूप मुंहासे और शोथ के लिए अनुकूल अवस्था उत्पन्न होती है जिसके कारण आप समय से पहले बूढ़े हो सकते हैं। जब हमारे शरीर में कुछ तरह के विटामिनों या खनिज पदार्थों की कमी होती है, तब हमारी त्वचा मु्र्झाई हुई, हमारे बाल निर्जीव और निस्तेज, तथा हमारे नाखून भंगुर दिखने लगते हैं। 

केवल आहार के माध्यम से इष्टतम पोषण प्राप्त करना वास्तव में संभव नहीं है। हम सब कोशिश तो करते हैं, लेकिन हममें से अधिकांश लोगों के सारे दिन व्यस्त रहने के कारण दैनिक आधार पर आहार संबंधी अनुशंसाओं को पूरा करना कठिन है। उन लोगों के लिए जो भोजन के माध्यम से इन सब आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ हैं, जिनमें मैं भी शामिल हूँ, मैं हमारे तथा हमारी त्वचा, बालों, और नाखूनों के समग्र स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए दैनिक विटामिन और पोषण संबंधी पूरकों की अनुशंसा करती हूँ।

स्वस्थ त्वचा के लिए पूरक

विटामिन सी

विटामिन सी हमारे शरीर और त्वचा के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। यह एक आवश्यक पोषक तत्व है जिसकी हमारी त्वचा को कोलेजन बनाने के लिए जरूरत पड़ती है। कोलेजन हमारे शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला प्रोटीन है। त्वचा के अलावा, यह हमारी मांसपेशियों, स्नायुओं, कँडराओं और जोड़ों का भी समर्थन करता है। कोलेजन समय के बीतने के साथ उम्र के बढ़ने के कारण कम होने लगता है, जिसके परिणामस्वरूप त्वचा के लटकने, बारीक रेखाओं, और झुर्रियों की समस्या होती है। 

विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडैंट भी है जो धूप और हमारे वातावरण द्वारा प्रेरित समयपूर्व बुढ़ा होने से लड़ने में मदद करता है। यह एक पानी में घुलनशील पोषक तत्व है जो हमारे शरीर द्वारा नहीं बनाया जाता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम इसे अपने आहार के माध्यम से प्राप्त करें। विटामिन सी के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं, नींबू, संतरे, और चकोतरे जैसे खट्टे फल; शिमला मिर्च, ब्रोकोली, फूलगोभी, और ब्रुसेल स्प्राउट जैसी सब्ज़ियाँ।  

जो लोग आहार संबंधी अनुशंसाओं को पूरा करने में असमर्थ हैं वे 500-1000 मिग्रा की खुराक में विटामिन सी का दैनिक अनुपूरण ले सकते हैं। चूंकि यह पानी में घुलनशील है और मूत्र में उत्सर्जित होता है, इसके जरूरत से अधिक सेवन और विषाक्तता की घटनाएं असामान्य हैं।

विटामिन ई

विटामिन ई एक और महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जो विटामिन सी की तरह, एंटीऑक्सीडैंट गुणों से युक्त है। वास्तव में, ये दोनों अक्सर साथ मिलकर बेहतर काम करते हैं। विटामिन ई धूप और प्रदूषकों द्वारा उत्पन्न फ्री रैडिकल्स द्वारा प्रेरित डीएनए की क्षति का निवारण करने में मदद करता है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और खून के थक्कों का निवारण करने में भी मदद करता है। धूप से होने वाली क्षति से लड़ने और बूढ़ा होने के संकेतों को खत्म करने में मदद करने के लिए विटामिन ई के कई स्थानिक फॉर्मुलेशन उपलब्ध हैं। 

विटामिन ई वसा में घुलनशील है और पत्तेदार हरी सब्ज़ियों, मेवे, एवोकैडो, और सूरजमुखी के तेल जैसे वनस्पति तेलों जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जा सकता है। चूंकि विटामिन ई वसा में घुलनशील है, इसका चयापचय विटामिन सी के जितनी आसानी से नहीं होता है। इसकी वृद्धि और विषाक्तता से बचने के लिए इसके अनुपूरण को < 15 मिग्रा रोज़ाना तक सीमित रखें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड

आप ओमेगा-3 से असंख्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इन आवश्यक वसाओं का उपभोग भोजन या पूरकों के माध्यम से करना पड़ता है क्योंकि हमारा शरीर उन्हें प्राकृतिक रूप से बनाने में समर्थ नहीं है। फैटी एसिड कोशिकीय झिल्लियों का महत्वपूर्ण घटक हैं और शोथ से लड़ने में मदद करते हैं। वे कुछ दीर्घकालिक रोगों के निवारण में भी भूमिका निभा सकते हैं। 

समय के बीतने के साथ हमारी त्वचा धूप से लंबे समय तक संपर्क में रहने और बूढ़े होने की प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण शुष्क और निस्तेज होने लगती है। ओमेगा 3 शोथ को कम करने और त्वचा के बैरियर की मरम्मत करने में मदद करते हैं, ताकि हमारी त्वचा सही ढंग से काम कर सके और वह स्वस्थ "आभा" हासिल कर सके। ओमेगा-3 को एक्ज़िमा और सोरायसिस जैसी दीर्घकालिक त्वचा अवस्थाओं में उपयोगी पाया गया है। सामन ओमेगा-3 का एक शानदार स्रोत है, लेकिन मछली के तेल के पूरक का रोज़ाना सेवन करना एक शानदार विकल्प है।

प्रोबायोटिक्स

शरीर का माइक्रोबायोम हमारे शरीर को स्वस्थ और संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हम जानते हैं कि कई शोथजन्य रोगों में, अक्सर अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच असंतुलन होता है। 

दैनिक प्रोबायोटिक पूरक आईबीएस (उद्दीप्य आंत्र सहलक्षण) वाले रोगियों में पेट के फूलने को कम करने में मदद करते हैं और एक्ज़िमा जैसे दीर्घकालिक त्वचा रोगों वाले व्यक्तियों में देखे जाने वाले शोथ की मात्रा को भी कम करते हैं। नैदानिक अध्ययनों ने दर्शाया है कि दैनिक प्रोबायोटिक लेने वाले एटॉपिक डर्मैटाइटिस वाले रोगियों में, नियंत्रण समूह की तुलना में स्थानिक स्टीरॉयड उपयोग की आवृत्ति में कमी हुई।

स्वस्थ बालों और नाखूनों के लिए पूरक

विटामिन डी

विटामिन डी हमारी त्वचा के पराबैंगनी किरणों के संपर्क में आने पर बनने वाला एक वसा में घुलनशील विटामिन है। इसके हमारे शरीर पर असंख्य जैविक प्रभाव होते हैं जिनमें हड्डी के स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, शोथ को व्यवस्थित करना, और बालों का स्वास्थ्य शामिल हैं। शोध ने दर्शाया है कि विटामिन डी पेट के बैक्टीरिया को विनियमित करके स्वप्रतिरक्षी रोग को व्यवस्थित करने में भी भूमिका निभा सकता है। 

जिन लोगों के बाल बड़ी मात्रा में गिरते और भंगुर हो जाते हैं उनमें अक्सर विटामिन डी की कमी पाई जाती है। अधिकांश लोगों में केवल धूप के संपर्क में रहने से ही विटामिन डी का पर्याप्त मात्राओं का संश्लेषण नहीं होता है, और त्वचा के कैंसर और वृद्ध होने की अवस्था में धूप से दीर्घकालिक संपर्क की अनुशंसा नहीं की जाती है। पूरकों और भोजन के माध्यम से विटामिन डी का सेवन करना सर्वश्रेष्ठ है। वसा युक्त मछलियों, सोया उत्पादों, और अंडे की ज़र्दी में विटामिन डी अधिक मात्रा में होता है। औसत वयस्क के लिए 800-1000 आईयू का दैनिक पूरक लेने की अनुशंसा की जाती है।

बायोटिन

बायोटिन हमारे शरीर में पोषक तत्वों को ऊर्जा में बदलने के लिए जरूरी पानी में घुलनशील बी7 विटामिन है। यह हमारे शरीर के दैनिक प्रकार्य, खास तौर पर गर्भावस्था और बच्चे को स्तनपान कराने के दौरान, आवश्यक है। 

बायोटिन मजबूत और स्वस्थ नाखूनों और बालों को कायम रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अस्पष्ट है कि बायोटिन किस तरह से काम करता है। पाया ग.ा है कि यह हमारी त्वचा, बालों, और नाखूनों के निर्माण खंड, केराटिन को सशक्त बनाता है। नैदानिक अध्ययनों ने दर्शाया है कि बायोटिन पूरक बालों की वृद्धि में सुधार कर सकते हैं, और भंगुर नाखूनों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं। 

बायोटिन पूरक को रोज़ाना लेने से मुझे प्रसव के बाद बालों के गिरने से ठीक होने में मदद मिली। मैं उन पूरकों की अनुशंसा करती हूँ जिनमें जस्ते सहित कुछ अन्य विटामिन और खनिज पदार्थ भी होते हैं। जस्ता फ्री रैडिकल से होने वाली क्षति से लड़ने में मदद करता है, और बायोटिन की तरह, कोशिकीय चयापचय, प्रतिरक्षा, और शोथ से लड़ने के लिए आवश्यक है।

मुंहासों के लिए प्रवृत्त त्वचा के लिए पूरक

मुहांसे वह सबसे आम रोग है जिसके लिए कई लोग मेरे पास आते हैं। मुंहासे केवल किशोरों को ही प्रभावित नहीं करते हैं--दूसरे, तीसरे, चौथे दशक, यहाँ तक कि उससे अधिक उम्र के वयस्कों को भी मुहांसे होते हैं। 

स्त्रियों में हारमोनों के कारण होने वाले मुंहासों से वे कुंठित हो सकती हैं। ये गालों, जबड़ों, ठुड्डी, और यहाँ तक कि गर्दनों पर गहरी फुंसियों के रूप में प्रकट होते हैं और उनके मासिक धर्म के दौरान अक्सर बिगड़ जाते हैं। हालांकि, हारमोनों के उतार-चढ़ावों का मुकाबला करने के लिए सबसे कारगर उपचार नुस्खे की दवाएं हैं, हर व्यक्ति इन उपचारों को सहन नहीं कर पाता है। नीचे दो प्राकृतिक तरीके दिए गए हैं जिन्हें मैंने अपनी त्वचा को दवाओं के बिना साफ रखने में मददगार पाया है।

स्पियरमिंट

स्पियरमिंट में सुविख्यात एंड्रोजन-रोधी प्रभाव होते हैं। इसमें शोथ-रोधी और सूक्ष्मजीवी-रोधी गुण भी हैं। स्पियरमिंट हमारे माहवारी के चक्र के दौरान बढ़ने वाले हारमोनों को व्यवस्थित करता है। इसके बाद ये हारमोन हमारी तैल ग्रंथियों को उत्तेजित करते हैं और अंततोगत्वा मासिक धर्म के आस-पास गहरी पुटी-नुमा फुंसियों को उत्पन्न करते हैं। नैदानिक अध्ययनों ने दर्शाया है कि 1 कप स्पियरमिंट टी दिन में दो बार लेने से हारमोनजन्य मुंहासों में मध्यम रूप से सुधार होता है।

हल्दी

भारत में एक लोकप्रिय घटक, हल्दी का उपयोग कई शताब्दियों से किया जा रहा है। कर्क्यूमिन हल्दी से प्राप्त किया जाने वाला एक सक्रिय यौगिक है जिसमें एंटीऑक्सीडैंट, शोथ-रोधी और कैंसर-रोधी गुण हैं। सबसे अधिक मात्रा में अध्ययन किए गए मसालों में से एक, हल्दी ने प्रयोगशाला अध्ययनों में कई आशाजनक परिणाम दर्शाए हैं। करक्यूमिन ने मुंहासों में शामिल एक महत्वपूर्ण बैक्टीरिया, प्रोपायोनिबैक्टीरियम को रोकने की क्षमता दर्शाई है। मुंहासों के अलावा, हल्दी सोरायसिस, एक्ज़िमा, और यहाँ तक कि बूढ़े होने से लड़ने में भी उपयोगी हो सकती है। चूंकि त्वचा की देखभाल के उत्पादों या मास्क जैसे स्थानिक फॉर्मुलेशन त्वचा में जलन पैदा करके पीले रंग का बना सकते हैं, में चूर्ण के रूप में इसके अनुपूरण की अनुशंसा करती हूँ। हल्दी को अपनी स्मूदी, सब्ज़ी, या चाय में मिलाने पर विचार करें--यह आपके आहार में अधिक एंटीऑक्सीडैंट मिलाने का आसान, कारगर, और बहुउद्देशीय तरीका है।.

याद रखें कि शानदार त्वचा, बाल, और नाखून उन चीजों से कहीं अधिक हैं जिन्हें आप उनमें डालते हैं--आहार और पोषण एक बड़ी भूमिका निभाते हैं। अच्छे आहार को नियमित व्यायाम, स्वयं की देखभाल के लिए पर्याप्त समय और तनाव से राहत के साथ संयोजन एक स्पष्ट मनोदशा, स्वस्थ शरीर, और देदीप्यमान त्वचा सुनिश्चित करेगा।

अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।