ओमेगा-3 के शीर्ष वीगन स्रोत
केसी सेडेन एमएस, आरडी, सीडीएन सीडीई द्वारा
अब तक, हममें से अधिकांश लोग स्वीकार करने लगे होंगे कि स्वस्थ वसाओं की दैनिक खुराक पाना एक अच्छी बात है। ऐवोकेडो टोस्ट की लोकप्रियता और सभी जगह मछली की उपलब्धता को देखते हुए, जनता जागरूक हो गई है और अपने आहार में आसानी से शामिल करने के तरीकों की तलाश करने लगी है। यदि आप खाने के बारे में “लचीले” हैं और विविध प्रकार के खाद्य पदार्थों का उपभोग करते हैं, तो संभव है कि आपको सामन मैकरेल और सीपों में ढेर सारी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड (“अच्छे” वसा का एक प्रकार) मिल रहे होंगे, और कॉड लीवर या मछली के तेल के पूरक भी इसमें योगदान कर रहे होंगे; तथापि, यदि आप वीगन या शाकाहारी हैं, तो ओमेगा-3 की दैनिक अनुशंसित खुराक पूरा करना थोड़ा अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
लेकिन, डरने की कोई बात नहीं है! वीगन लोगों, या नियमित आधार पर समुद्री भोजन न खाने वाले या पूरक न लेने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए, ओमेगा-3 फैटी एसिड के कई वनस्पति स्रोत उपलब्ध हैं।
ओमेगा-3 क्या हैं?
जल्दी से याद करने के लिए, यहाँ संक्षेप में प्रस्तुत है इस बात की जानकारी कि ओमेगा-3 फैटी एसिड क्या हैं और वे हमारे स्वास्थ्य के लिए इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं। वसा उन तीन मुख्य महा पोषक तत्वों यानी मैक्रोन्यूट्रिएंट्स (अन्य दो हैं, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट) में से एक है जो कोशिका झिल्ली की संरचना, हारमोन उत्पादन और ऊर्जा के भंडारण के लिए आवश्यक हैं। वसा "परिवार" के भीतर, सैचुरेटेड, मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा आते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड पॉलीअनसैचुरेटेड वसा समूह में पाए जाते हैं और इनके चार मुख्य प्रकार हैं:
- अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA)
- आईकोसापेंटानोइक एसिड (EPA)
- डोकोसापेंटानोइक एसिड (DPA)
- डोकोसाहेक्जेनोइक एसिड (DHA)
वसाओं के इस समूह का विस्तृत अध्ययन किया गया है और दर्शाया गया है कि ये ट्राइग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल स्तरों को कम करते हैं, जिससे खून के थक्कों के जोखिम, रक्तचाप और शोथ में कमी हो सकती है। स्पष्ट है कि, हम अपने आहार में इन वसाओं को अच्छी मात्रा में शामिल करना चाहते हैं।
इन ओमेगा-3 फैटी एसिड्स में से, ALA को “आवश्यक” समझा जाता है, यानी हमें भोजन में इसका उपभोग अवश्य करना चाहिए - यह कई बीजों और फलियों में पाया जाता है। हालांकि ALA के लिए अनुशंसित आहार में सेवन (RDI) की कोई नियत मात्रा नहीं है, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के अनुसार वयस्क महिलाओं के लिए इसके दैनिक अनुशंसित सेवन की मात्रा 1,100 मिग्रा और वयस्क पुरुषों के लिए 1,600 मिग्रा है। जहाँ तक EPA, DPA और DHA का सवाल है, मनुष्य का शरीर एक काफी अद्भुत प्रणाली है जहाँ ALA को उनमें बदला जा सकता है। तो यह काफी बढ़िया, किंतु सरल प्रणाली के समान लगती है, है ना? ऐसा नहीं है। मुश्किल वाला भाग यह है कि EPA और DHA - जो मछली में बड़ी मात्रा में पाए जाने वाले फैटी एसिड हैं - ALA से बहुत अधिक ऊंची दर पर नहीं बनते हैं, उसका केवल 2-10 प्रतिशत ही इनमें बदल सकता है।
समुद्री आहार खाने वाले लोगों को इससे कोई बड़ी समस्या नहीं होती है, लेकिन वीगन लोगों या मछली के तेल के कैप्सूलों का पूरक लेने वालों और किसी विकल्प की तलाश करने वालों को इससे फर्क पड़ता है। तो, सवाल यह है कि, यदि शाकाहारी लोग मछली नहीं खाते हैं, तो क्या उनके लिए वनस्पति से EPA और DHA पाने का कोई तरीका है? यही नहीं, वे लोग ALA की अधिक मात्रा वाले किन आहारों को प्राथमिकता दे सकते हैं जिससे कि कम से कम कुछ मात्रा तो EPA और DHA में बदल सके? नीचे आपको वीगन लोगों के लिए एक ओमेगा-3 टूलकिट मिलेगी।
ALA के वनस्पति स्रोत
सौभाग्य से ALA अनन्य रूप से पौधों में ही मिलता है, इसलिए वीगन, शाकाहारी और मांसाहारी लोगों को इन आहारों को हर हफ्ते खरीदना और अपने भोजन और नाश्ते पर हर रोज छिड़कना चाहिए। यहाँ प्रस्तुत हैं ALA के सर्वश्रेष्ठ स्रोत और वे तरीके जिनसे आप उनका उपभोग अपने आहार में कर सकते हैं:
अलसी के बीज
अलसी के बीज ALA के सबसे बड़े स्रोतों में से एक हैं। ये बीज पीसने पर सबसे अच्छी तरह से अवशोषित होते हैं, इसलिए या तो साबुत बीज खरीदें और उन्हें स्वयं आवश्यकतानुसार पीसें, या पिसे हुए अलसी के बीज खरीदें और ताज़गी बनाए रखने के लिए फ्रिज में रखें। आप अब देखेंगे कि इस शानदार बीज को क्रैकर्स से लेकर ग्रैनोला तक असंख्य उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है।
अलसी का तेल
एक और सुविधाजनक स्रोत के लिए, अलसी के बीजों को कोल्ड प्रेस करके बढ़िया गुणवत्ता का तेल निकाला जा सकता है। अलसी का तेल सलाद ड्रेसिंग के लिए या भुनी हुई सब्ज़ियों के लिए परिष्करण तेल के रूप में उपयोगी है। आपको अलसी के तेल के कैप्सूल भी मिल सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि सांद्रता के आधार पर आपको अनुशंसित खुराक पाने के लिए प्रतिदिन 2-8 कैप्सूल तक लेने पड़ सकते हैं।
चिया (तुलसी की प्रजाति) के बीज
तरल में डालने पर फूलने वाला यह शक्तिशाली बीज ओमेगा-3 का शानदार स्रोत है। चिया के बीजों को आपकी स्मूदी या रात भर भिगोए गए जई पर आसानी से छिड़का जा सकता है।
भांग के बीज और भांग के बीज का तेल
जब भांग के बीजों की बात आती है, तो प्रकृति का कमाल देखा जा सकता है, क्योंकि इसे मालपुए के घोल में मिलाया या एवोकैडो टोस्ट पर डाला जा सकता है। आपको भांग के तेल से भरे एक बड़े चम्मच को ठंडे व्यंजनों जैसे ड्रेसिंग और अचार में आजमाने में भी दिलचस्पी हो सकती है। आम तौर पर आवरण को छीलकर निकाले गए भांग के बीजों में प्रत्येक औसत 3 बड़े चम्मच की सर्विंग में 2,090 मिग्रा ओमेगा-3 फैटी एसिड होते हैं।
अखरोट
यह स्वादिष्ट मेवा बड़ी मात्रा में ओमेगा-3 प्रदान करता है और इससे मछली के तेल के पूरक जैसी गंध भरी डकारें तो निश्चित रूप से नहीं आती हैं। इन अखरोटों को फ्रिज में रखें जिससे उनके स्वस्थ वसा परिरक्षित बने रहें और उन्हें अपने दलिये में डालकर या कुरकुरी सूप गार्निश के रूप में इनका आनंद लें।
गेहूं के अंकुर
आजकल वैकल्पिक आटों की बहुत मांग है, इसलिए आपको बेकिंग व्यंजन विधियों में गेहूं का अंकुर अधिक दिखाई दे सकता है। यह ग्लूटेन-रहित नहीं होता है लेकिन इसमें अनसैचुरेटेड वसाओं और अन्य शोथरोधी पोषक तत्वों के लाभ होते हैं जैसे विटामिन ई, जस्ता, और मैगनीशियम।
EPA और DHA के वनस्पति स्रोत
यदि आप मछली नहीं खरीदना चाहते हैं, तब भी आपको किराने की दुकानों और पूरकों के विभाग में EPA और DHA के वीगन लोगों के अनुकूल स्रोत मिल सकते हैं। शैवाल EPA और DHA के सबसे प्रसिद्ध वनस्पति स्रोत हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में काफी लोकप्रिय हो गए हैं और कभी-कभी तो लोग इन्हें "हरा सोना" कहकर बुलाते हैं। अब, यदि आप सोच रहे हैं कि आप कभी हरा, चिपचिपा और समुद्र के तल में उगने वाला पौधा नहीं खाएंगे तो आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि इसे किसी और नाम से आपके जूस बार पेय इत्यादि में मिलाया जा रहा है। शैवालों के कई नाम हैं - यहाँ पेश है इस समुद्री सुपरफूड को पहचानने का तरीका।
समुद्री शैवाल या नोरी
समुद्री शैवाल शैवाल परिवार का एक सदस्य है जिसे आम तौर पर सुशी के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब यह समुद्री शैवाल के कुरकुरों, नोरी स्नैक शीट और गोमैज़ियो नामक एक मसाले के रूप में भी नज़र आने लगा है।
स्पिरुलीना
बुटीक जूस बारों का पसंदीदा, स्पिरुलीना चूर्ण के रूप में मिलने वाला एक नीला-हरा शैवाल है, जो उसमें क्लोरोफिल की मात्रा अधिक होने के कारण एक चमकीला हरा रंग प्रदान करता है। जबकि स्पिरुलीना में कुछ मात्रा में EPA और DHA होते हैं, इसमें वसा की बहुत कम मात्रा होती है और वास्तव में ओमेगा-6 फैटी एसिड अधिक मात्रा में होते हैं जो कि अधिक मात्रा में उपभोग करने पर ओमेगा-3 की तुलना में शोथकारक हो सकते हैं।
वीगन ओमेगा-3 पूरक
सामान्य तौर पर, वीगन और शाकाहारी लोग खाद्य स्रोतों से काफी मात्रा में ALA, EPA, और DHA प्राप्त कर सकते हैं, तथापि, उनके रूपांतरण का प्रश्न फिर भी मौजूद रहता है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में खाने के वर्तमान पैटर्नों को देखा जाए तो शैवालों को काफी अधिक मात्रा में खाने की जरूरत है लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि इनमें से कुछ वनस्पति खाद्य पदार्थों में शोथकारक ओमेगा-6 फैटी एसिड की बहुतायत होती है। इस बात पर विचार करना भी जरूरी है कि जीवन के प्रारंभिक चरणों, जैसे गर्भावस्था में और यदि स्तनपान कराने का चुनाव किया जाता है, तो शिशु के मस्तिष्क और आँखों के विकास के लिए इन ओमेगा-3 की जरूरत बढ़ जाती है। इन कारणों से, वीगन लोगों और साबुत खाद्य पदार्थों से पर्याप्त सेवन न कर पाने वाले लोगों में पूरकों को निश्चित रूप से प्रोत्साहित करना चाहिए।
वीगन ओमेगा-3 पूरक अक्सर शैवालों से प्राप्त किए जाते हैं और तेल, आम तौर पर ओमेगा-6 से प्रचुर सूरजमुखी के तेल, के साथ संयोजित किए जाते हैं और सॉफ्ट जेल कैप्सूल के रूप में पैक किए जाते हैं। कुछ पूरकों में केवल DHA होता है, और 2 कैप्सूल 500 मिग्रा DHA प्रदान करते हैं, जबकि अन्य उत्पादों में दोनों ओमेगा-3 होते हैं और EPA की मात्रा DHA से थोड़ी सी कम होती है। याद रखें कि पूरक खरीदते समय, सामग्रियों की सूची को पूरी तरह से अवश्य पढ़ें क्योंकि कुछ पूरकों में जिलेटिन हो सकता है, जिसे वीगन नहीं माना जाता है।
अस्वीकरण: इन कथनों का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने अनुमोदन नहीं किया है। ये प्रोडक्ट्स किसी बीमारी का निदान, इलाज या रोकथाम करने के लिए नहीं हैं।